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Thursday, 31 October 2013
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हाइकू : choka /सुनो कबीर .... (1)
हाइकू : choka /सुनो कबीर .... (1)
: ------------ सुनो कबीर ! रे सुन भई साधो ! कलयुग है ! --------------- मात -पिता को , अब मान नहीं है ! सब ही अंधे , कोई ज्ञान ...
# DR. PRATIBHA SOWATY #: 5 ' choka' रचना
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हाइकू : 4 ' टंका' रचनाएँ
हाइकू : 4 ' टंका' रचनाएँ
: टंका : डॉ . प्रतिभा स्वाति -------------------------------------- बिखेर गए ! सूरज और चाँद ! सोना औ चांदी ! धरा ने हरियाली...
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